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जय श्री सीता राम https://www.facebook.com/panchmukhihanumandham ॥ संकट मोचन हनुमानाष्टक ॥ ॥ मत्तगयन्द छन्द ॥ बाल समय रवि भक्षि लियो तब तीनहुँ लोक भयो अँधियारो। ताहि सों त्रास भयो जग को यह संकट काहु सों जात न टारो। देवन आनि करी बिनती तब छाँड़ि दियो रबि कष्ट निवारो। को नहिं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो॥1॥ बालि की त्रास कपीस बसै गिरि जात महाप्रभु पंथ निहारो। चौंकि महा मुनि साप दियो तब चाहिय कौन बिचार बिचारो। कै द्विज रूप लिवाय महाप्रभु सो तुम दास के सोक निवारो। को नहिं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो॥2॥ अंगद के सँग लेन गये सिय खोज कपीस यह बैन उचारो। जीवत ना बचिहौ हम सो जु बिना सुधि लाए इहाँ पगु धारो। हेरि थके तट सिंधु सबै तब लाय सिया-सुधि प्रान उबारो। को नहिं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो॥3॥ रावन त्रास दई सिय को सब राक्षसि सों कहि सोक निवारो। ताहि समय हनुमान महाप्रभु जाय महा रजनीचर मारो। चाहत सीय असोक सों आगि सु दै प्रभु मुद्रिका सोक निवारो। को नहिं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो॥4॥ बान लग्यो उर लछिमन के तब प्रान तजे सुत रावन मारो। लै गृह बैद्य सुषेन समेत...
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https://www.facebook.com/panchmukhihanumandham दोहा श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।। बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।। चौपाई जय हनुमान ज्ञान गुन सागर जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥१॥ राम दूत अतुलित बल धामा अंजनि पुत्र पवनसुत नामा ॥२॥ महाबीर बिक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी ॥३॥ कंचन बरन बिराज सुबेसा कानन कुंडल कुँचित केसा ॥४॥ हाथ बज्र अरु ध्वजा बिराजे काँधे मूँज जनेऊ साजे ॥५॥ शंकर सुवन केसरी नंदन तेज प्रताप महा जगवंदन ॥६॥ विद्यावान गुनी अति चातुर राम काज करिबे को आतुर ॥७॥ प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया राम लखन सीता मनबसिया ॥८॥ सूक्ष्म रूप धरि सियहि दिखावा विकट रूप धरि लंक जरावा ॥९॥ भीम रूप धरि असुर सँहारे रामचंद्र के काज सवाँरे ॥१०॥ लाय सजीवन लखन जियाए श्री रघुबीर हरषि उर लाए ॥११॥ रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई तुम मम प्रिय भरत-हि सम भाई ॥१२॥ सहस बदन तुम्हरो जस गावै अस कहि श्रीपति कंठ लगावै ॥१३॥ सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा नारद सारद सहित अहीसा ॥१४॥ जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते कवि कोविद कहि सके ...
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  श्री मनोकामना सिद्ध पंचमुखी हनुमान धाम इंदौर रोड खातेगांव   श्री पंचमुखी हनुमान धाम बड़ा ही दिव्य धाम है  यहाँ पर हजारो भक्तों की मनोकामना पूर्ण हुई है यहाँ पर दो हनुमान जी महाराज विराजमान हैं एक श्री मनोकामना सिद्ध छोटे दादा एवं श्री पंचमुखी महाराज